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मुक्तसर के गांव उदेकरन में बरसात से डूबे कई खेत, फसलों को भारी नुकसान

पिछले दो दिनों में हुई भारी बरसात ने गांव उदेकरन के कई किसानों के खेतों को पूरी तरह डुबो दिया है। जिससे फसलों को भारी नुक्सान पहुंचा है। बता दें कि पिछले दो दिनों में मुक्तसर क्षेत्र में भारी बरसात हुई है। जिससे जहां शहर के नीचले क्षेत्र तो डूब ही गए, वहीं अनेकों ऊंचे क्षेत्रों में भी पानी भरने से हालात गंभीर हो गए थे। वहीं गांव उदेकरन में खेतों में पानी भर जाने से दूर-दूर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसा लग रहा है कि खेत न होकर कोई दरिया हो। इस घटना ने एकबारगी फिर से 2013 में हुई बरसात की याद दिला दी। उस समय भी भारी बरसात से गांव उदेकरन व माडल टाउन में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे और पूरा का पूरा गांव ही खाली हो गया था। उस समय ग्रामीण अपने घरों को छोड़ अन्य जगह पलायन करने के लिए मजबूर हो गए थे। हालांकि वीरवार को मौसम साफ रहा। मगर यदि ऐसे ही बरसात फिर होती रही तो एक बार फिर से उदेकरन के लोगों को कहीं पलायन जैसे हालातों का सामना न करना पड़े, यह बात ग्रामीणों को सोचने पर मजबूर कर रही है। इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गांववासियों ने गांव में खेतों में भरे पानी को लिफ्ट पंप से निकलवाने की मांग की है। गांव के सरपंच सुखचरन सिंह, जगमीत सिंह, सुखदीप सिंह, गुरमीत सिंह, सुखमंदर सिंह, बगीचा सिंह आदि ने बताया कि हर वर्ष जब भारी बरसात का आगमन होता है तो गांव के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लग जाती हैं क्योंकि मेन कोटकपूरा रोड से यह गांव नीचे को होने के कारण बरसात का सारा पानी गांव में आ जाता है। जिससे गांव में खेतों को तो नुक्सान पहुंचता ही है, वहीं घरों तक पानी पहुंचने से हालात गंभीर बन जाते हैं, हालांकि अभी इस बार घरों तक पानी नहीं पहुंचा है। मगर अनेकों किसानों के खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और फसलों को भारी नुक्सान पहुंचा है। गांव उदेकरन नीचले स्तर पर होने के कारण आस-पास के गांवों का पानी भी इधर को आ जाता है। इस समय हालात ऐसे हैं कि कोटकपूरा रोड की तरफ से डीएवी स्कूल उदेकरन की बैकसाइड बहुत पानी आ चुका है। यह पानी लिफ्ट पंप से ही निकाला जा सकेगा। प्रशासन को हालातों की गंभीरता को समझते हुए अभी से राहत कार्य शुरु करते हुए पानी निकलवाना चाहिए ताकि आगामी बरसात होने तक समस्या और बड़ी न बन जाए।

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