हमारी प्राचीन परंपराओं के अनुसार नई शादी व नवजन्में बच्चों की खुशी जाहिर करने के लिए लोहड़ी का त्यaहार प्रति वर्ष 13 जनवरी को मनाया जाता है। ऐसे प्राचीन पर्व से हमारी नई पीढ़ी जागरूक होती है तथा हम सभी को मिलकर अपनी प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और पर्वों को जीवित रखने के लिए ऐसे त्योहारों को धूमधाम से मनाना चाहिए। उक्त विचार भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा. सीमांत गर्ग ने पुरानी दाना मंडी स्थित भाजपा के दफ्तर में लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाने के अवसर पर प्रकट किए। बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस मौके पर डा. सीमांत गर्ग ने कहा कि लोहड़ी उत्तर भारत खासकर पंजाब का बेहद खास और खुशियों से भरा त्योहार माना जाता है। ये पर्व सर्दियों के अंत और फसल के मौसम की शुरुआत का प्रतीक होता है। इस दिन लोग आग जलाकर उसके चारों ओर घूमते हैं, मूंगफली, रेवड़ी और तिल चढ़ाते हैं और ढोल की थाप पर जश्न मनाते हैं। लेकिन लोहड़ी सिर्फ मौसम या फसल से जुड़ा त्योहार नहीं है। इसके पीछे एक भावनात्मक लोककथा भी जुड़ी हुई है, जो इसे और खास बना देती है। ये कहानी है दो लड़कियों और एक बहादुर लोकनायक की, जिसने समाज में इंसानियत और सम्मान की मिसाल कायम की। लोहड़ी को नई फसल के स्वागत का पर्व माना जाता है। इस समय गेहूं की फसल खेतों में लहलहाने लगती है। किसान अपनी मेहनत का शुक्रिया अदा करने के लिए अग्नि देव की पूजा करते हैं। आग में तिल, गुड़, मूंगफली और पॉपकॉर्न अर्पित किए जाते है। ये सब समृद्धि और खुशहाली के प्रतीक माने जाते हैं। सुंदरी और मुंदरी पंजाब की लोककथा से जुड़ी दो बहनों के नाम बताए जाते हैं, जिनका जिक्र लोहड़ी के मशहूर लोकगीत सुंदर मुंदरीए में मिलता है। उन्होंने भाजपा के समूह पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को लोहड़ी की मुबारकबाद दी तथा गचक, मूंगफली व रेवड़ी वितरित करके इस पर्व की खुशी को और बढ़ाया। इस अवसर पर महामंत्री राहुल गर्ग द्वारा अपनी नवजन्मीं भतीजी की खुशी पर समूह भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को चाय पकौड़े की रिफ्रेशमेंट दी गई तथा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा.सीमांत गर्ग तथा समूह भाजपा के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने राहुल गर्ग को उनकी नवजन्मीं भतीजी जो लक्ष्मी के रूप में उनके घर में आई हैं उसकी बधाई दी।