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फरीदकोट में एलएडीसी नीति के विरोध में वकीलों का रोष मार्च

लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) नीति के विरोध में संघर्ष कर रहे फरीदकोट के वकीलों ने वीरवार को शहर में रोष मार्च निकालकर केंद्र और पंजाब सरकार से इस नीति को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारी वकीलों ने स्पष्ट किया कि जब तक एलएडीसी नीति वापस नहीं ली जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। देश के कई राज्यों में एलएडीसी नीति के विरोध में वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। इसी क्रम में फरीदकोट जिला अदालत के वकील भी 7 जुलाई से अदालतों का बहिष्कार कर रहे हैं। अदालत परिसर में लगातार धरना दिया जा रहा है और क्रमवार भूख हड़ताल के माध्यम से भी विरोध दर्ज कराया जा रहा है। वीरवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरजगपाल सिंह की अगुवाई में निकाले गए रोष मार्च के दौरान वकीलों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और एलएडीसी नीति को वापस लेने की मांग दोहराई। बार एसोसिएशन के सदस्य करणदीप सिंह ने कहा कि इस नीति को लागू करने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार दोनों जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में यह नीति सितंबर 2023 में लागू की गई थी। पहले लीगल एड के तहत केवल जरूरतमंद लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती थी, जबकि नई एलएडीसी नीति के तहत प्रत्येक आरोपी को मुफ्त कानूनी सहायता मिलने का प्रावधान है। उनका कहना था कि इससे निजी वकीलों के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और अपराधियों में कानून का भय भी कम हो सकता है। उन्होंने वकीलों के हितों और न्याय व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एलएडीसी नीति को तत्काल वापस लेने की मांग की।

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