किरती किसान यूनियन की ओर से आज किसानों की बर्बाद हो रही आलू की फसल को लेकर जिला प्रधान प्रगट सिंह साफूवाला की अगुवाई में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय मोगा के बाहर लगभग तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन किया गया। यूनियन के सूबा आगू निर्भया सिंह टूडीके ने कहा कि किसानों की आलू की फसल की खराब होती स्थिति को देखते हुए सरकार तुरंत आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कम से कम 20 रुपये प्रति किलो तय करे और सरकारी खरीद की गारंटी दे। इस मौके पर यूनियन के राज्य प्रधान निरभय सिंह ढुड्डीके ने कहा कि पंजाब में लगभग 3 लाख एकड़ जमीन पर आलू की खेती होती है और यह राज्य की प्रमुख फसलों में से एक है। देश में इस्तेमाल होने वाला लगभग 60 प्रतिशत आलू का बीज पंजाब से जाता है, इसलिए इस महत्वपूर्ण फसल को बर्बाद होने से बचाने के लिए सरकार को तुरंत कदम उठाने चाहिए। किसान नेताओं ने बताया कि हाल ही में फिरोजपुर में आलू की फसल में भारी नुकसान के कारण एक किसान ने परिवार सहित आत्महत्या करने की कोशिश की, जो बेहद दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि कंपनियों का पानी 20 रुपये लीटर बिक रहा है, जबकि किसानों का आलू 3-4 रुपये किलो में बिक रहा है। नेताओं ने कहा कि एक आलू से बने चिप्स का पैकेट 20 रुपये में बिकता है, लेकिन किसान अपनी फसल का उचित मूल्य न मिलने के कारण कई जगह आलू को खेतों में ही दबाने के लिए मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है और इसका फायदा कॉरपोरेट कंपनियों को मिल रहा है।