सपने वो नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, सपने वो होते हैं जो हमें रात में जगाए रखते हैं। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की इन बातों को पठानकोट के जसनूर सिंह ने सच साबित कर दिखाया है। अपनी कड़ी मेहनत और काबिलियत से जसनूर सिंह ने सीडीएस पेपर और एयर फोर्स पायलट एग्जाम में पहली पोजीशन हासिल की है। जसनूर सिंह ने 10वीं की पढ़ाई पठानकोट के सेंट जोसेफ स्कूल से की। उसके बाद उन्होंने महाराजा रणजीत सिंह एकेडमी, मोहाली में एडमिशन लिया, जो स्टूडेंट्स को एनडीए में शामिल होने के लिए ट्रेनिंग देती है और उन्हें इंटरव्यू के लिए तैयार करती है। इसके बाद जसनूर सिंह ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस में डिग्री के लिए एडमिशन लिया और अपनी डिग्री के साथ-साथ सीडीएस पेपर और इंटरव्यू की तैयारी जारी रखी। अच्छे नंबरों से सीडीएस पेपर पास करने के बाद उन्होंने एसएसबी इंटरव्यू क्लियर किया और मेडिकल भी क्लियर किया, जो एयर फोर्स में पायलट के लिए देश का सबसे मुश्किल मेडिकल माना जाता है। सीडीएस के पेपर में अच्छे नंबर लाने के बाद उन्होंने एसएसबी इंटरव्यू में भी अच्छे नंबर लाए और ऑल इंडिया मेरिट में पहला स्थान हासिल किया। जसनूर सिंह ने कहा कि उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने पिता दविंदर सिंह, जो पीएमआरए के प्रेसिडेंट रह चुके हैं और मां सुखजीत कौर, जो सेंटर हेड टीचर हैं, को दिया। उन्होंने कहा कि उनके बड़े भाई प्रभनूर सिंह, जो अमृतसर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एमडी कर रहे हैं, उन्होंने हमेशा उनका साथ दिया है।