पंजाब में इन दिनों धान की बुवाई का सीजन पूरे जोर पर है। सरकार द्वारा नहरी पानी और किसानों को रोजाना आठ घंटे बिजली सप्लाई देने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन मोगा जिले के गांव चारिक में हालात कुछ और ही नजर आ रहे हैं। यहां किसानों को न तो पर्याप्त नहरी पानी मिल रहा है और न ही पूरी बिजली सप्लाई। किसानों का कहना है कि उन्हें दिन में केवल 4 से 5 घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे धान की बुवाई का काम प्रभावित हो रहा है। इसी समस्या को लेकर आज किसानों ने चारिक फीडर के बाहर धरना दिया और सड़क जाम कर दी। कड़ी धूप और गर्मी के बावजूद किसान सड़कों पर बैठकर प्रदर्शन करते नजर आए। इस मौके पर किसान भिंडर सिंह और लखबीर सिंह ने बताया कि सरकार आठ घंटे बिजली देने की बात कर रही है, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि धान की बुवाई के समय पानी की मोटर बंद पड़ी है, जिससे फसल पर असर पड़ रहा है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें वादे के अनुसार बिना रुकावट के आठ घंटे बिजली सप्लाई दी जाए। वहीं पावर ग्रिड के जेई बलविंदर सिंह ने बताया कि विभाग आदेशों के अनुसार ही बिजली सप्लाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं फॉल्ट आ जाता है तो उसे ठीक करने में समय लगता है। कर्मचारियों की भारी कमी भी एक बड़ी समस्या है। इस ग्रिड से करीब 24 गांवों को बिजली सप्लाई दी जाती है, जबकि जरूरत 63 कर्मचारियों की है, लेकिन फिलहाल केवल 18 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।