भाखड़ा डैम से पानी छोड़ने के बाद सतलुज नदी में जलस्तर काफी बढ़ गया जिसके कारण मोगा जिले के तीन गांव संघेड़ा, कंबो खुर्द और सेरेवाला पानी की चपेट में आ गए हैं। जानकारी के अनुसार, इन गांवों में लगभग 250 के करीब घर पानी में डूब चुके हैं। लोगों ने अपने घरों से आवश्यक सामान निकालने के लिए नावों का सहारा लिया है और कई लोग नदी के बांध और घरों की छतों पर जरूरी सामान रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। जानकारी के अनुसार, सतलुज नदी के साथ लगते लगभग 30 गांवों की करीब 6,000 एकड़ फसल पहले ही पानी में डूब चुकी थी। लोगों का कहना हे कि नुकसान का सही आंकलन जलस्तर कम होने के बाद ही लगेगा। गांव के लोगों का कहना है कि सतलुज नदी में जलस्तर पिछले 5-6 दिनों से बढ़ना शुरू हो गया था। उस समय पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंचा था, लेकिन सोमवार की रात से जलस्तर काफी बढ़ गया, जिसके कारण लोगों के घरों में 5-6 फीट तक पानी भर गया है। घर के जरूरी सामान को लोगों ने छत पर चढ़ा दिया और पशुओं को नदी के बांध पर ले जाकर रखा है। मोगा जिला प्रशासन की ओर से तीन गांव के लोगों के लिए नजदीकी दो सरकारी स्कूल में राहत कैंप बनाया गया जिसमें साफ पानी, मेडिकल सुविधाएं, और खाने की व्यवस्था है।