कस्बे के सेक्टर एक सब्जी मंडी व महाराणा प्रताप चौक पर स्थानीय सिविल सोसाइटी तलवाड़ा ने दिल्ली और पंजाब में प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट वर्कर्स पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में तेज बारिश में केंद्र और पंजाब सरकारों के खिलाफ पुतला अग्नि भेट किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस पार्टी के सिटी प्रेसिडेंट बोधराज और जीटीयू के प्रधान शिव कुमार अमरोही ने किया। इसमें कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर, स्पीकर्स ने नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे स्टूडेंट्स और एनवायरनमेंट एक्टिविस्ट और एजुकेशनिस्ट सोनम वांगचुक को जन्तर-मन्तर पर जबरन धरने से उठाने को लेकर स्थानीय लोगो ने उनके पक्ष में नारे लगाए।साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार के बेपरवाह बर्ताव की निंदा की, स्टूडेंट्स, खासकर युवा लड़कियों पर दिल्ली पुलिस की बेरहमी और सादे कपड़ों में भाजपा सपोर्टर्स द्वारा प्रदर्शनकारियों की पिटाई पर कड़ा विरोध जताया। इस मौके पर पंजाब सरकार और उसके मंत्रियों और विधायकों की दोहरी भूमिका पर कटाक्ष करते हुए पूर्व सरपंच नवल किशोर मेहता और दीपक ठाकुर, सविता शर्मा, जसवीर तलवाड़ा, राजीव शर्मा, वरिंदर विक्की, सुनीता देवी, शाम लाल, कुंदन सिंह, युगराज सिंह ने कहा कि राज्य सरकार भी केंद्र सरकार की तर्ज पर संघर्ष कर रही पार्टियों की बात सुनने से कतरा रही है। दिल्ली में हुए लाठीचार्ज पर स्टूडेंट्स का समर्थन पाने के लिए आप सरकार आंसू बहा रही है। जबकि राज्य में अपनी सेवाओं की बहाली और रेगुलर करने के लिए संघर्ष की राह पर चल रहे कच्चे कर्मचारियों से बात करने की बजाय पुलिस से उन्हें पिटवा रही है। पंजाब सरकार के मंत्रियों के पास जंतर-मंतर पर जाकर धरने पर बैठे स्टूडेंट्स की बात सुनने का तो समय है, लेकिन राज्य में हड़ताल पर चल रहे कच्चे कर्मचारियों, नौकरी से निकाले गए मनरेगा कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों आदि संघर्ष कर रही पार्टियों से मिलकर उनके मुद्दों को हल करने का समय नहीं है। बाद में प्रदर्शनकारियों ने महाराणा प्रताप चौक पर पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुतले अग्नि भेट किए गए और नारेबाजी की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों को पीटने वाले सादे कपड़ों में तैनात लोगों की पहचान कर उचित कानूनी कार्रवाई करने और पंजाब सरकार से मनरेगा वर्करों समेत संघर्ष कर रहे कर्मचारी दलों से बात करने और उनके मुद्दों को हल करने की मांग की है।