फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित गांवों में सैकड़ों एकड़ जमीन में लगी गाजर की फसल बाढ़ से नष्ट हो गई। मौजूदा समय में हुसैनी वाला बार्डर से सटे 17 गांव में गाजर की फसल नहीं हुई है । खेत विरान पड़े हैं। यहां पर सबसे ज्यादा गाजर की फसल हुआ करती थी और दूरदराज शहरों में सप्लाई होती थी। किसानों का कहना है कि उनकी गाजर की फसल नहीं होने से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। बाढ़ में जो गाजर की फसल खराब हुई है उसका सरकार की तरफ से कोई मुआवजा नहीं मिला है। उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है क्योंकि एक एकड़ में उन्हें गाजर का 80000 रुपये का मुनाफा होता था । इस बार उन्हें नुकसान झेलना पड़ा है । अब जो किसानों ने गाजर की फसल लगाई है उसे होने में बहुत समय लगेगा। तब तक उसका दाम बहुत कम हो चुका होगा ।क्योंकि राजस्थान से भी गाजर आकर बाजार में बिकना शुरू हो जाएगी।