किस्मत ने जैसे इस परिवार की हर खुशी छीन लेने की ठान ली हो। करीब सवा साल पहले घरेलू विवाद से आहत होकर पिता ने आत्महत्या कर ली थी। उस समय उनका बेटा भवनप्रीत सिंह महज डेढ़ वर्ष का था। मां पहले ही घर छोड़कर जा चुकी थी। इसके बाद दादा-दादी ने मासूम को अपने बेटे की आखिरी निशानी मानकर पालना शुरू किया, लेकिन गुरुवार तड़के जहरीले सांप के डसने से पौने तीन वर्षीय भवनप्रीत सिंह की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव राणवां में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक के दादा हरबंस सिंह ने बताया कि रात को वह, उनकी पत्नी, भवनप्रीत और दूसरा पोता एक ही कमरे में सो रहे थे। करीब ढाई बजे भवनप्रीत अचानक जोर-जोर से रोने लगा। पहले परिवार को लगा कि बच्चा डर गया है, लेकिन वह लगातार अपनी बांह की ओर इशारा करता रहा। जब कमरे की बत्ती जलाकर देखा गया तो उसकी बांह पर नीले रंग का निशान दिखाई दिया। पहले परिजनों को किसी कीड़े के काटने का संदेह हुआ, लेकिन जब बिस्तर हटाकर देखा गया तो बड़े पोते के सिरहाने के नीचे एक जहरीला सांप बैठा मिला। यह देखकर परिवार के होश उड़ गए। परिजन तुरंत मासूम को खमाणों के अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दादा हरबंस सिंह ने नम आंखों से बताया कि पहले उन्होंने अपने बेटे जगमीत सिंह को खोया, फिर बहू घर छोड़कर चली गई। इसके बाद वह और उनकी पत्नी ही भवनप्रीत की परवरिश कर रहे थे। अब इस मासूम की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। गांव में घटना के बाद गहरा शोक व्याप्त है और हर किसी की आंखें नम हैं।