संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने अपने आंदोलन की आगामी रणनीति का एलान कर दिया है। इसके अंतर्गत किसान जत्थेबंदियां गांधीगीरी की राह पर चलते हुए कन्याकुमारी से कश्मीर तक मार्च निकालेंगी। किसानों की यह यात्रा फरवरी के पहले हफ्ते से शुरू होकर 19 मार्च को महापंचायत के साथ दिल्ली के रामलीला मैदान में संपन्न होगी। इस मार्च के दौरान देशभर की 1 लाख ग्राम पंचायतों से किसान अपनी मांगों के समर्थन में प्रस्ताव जुटाएंगे, जिसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। बैठक के दौरान किसान नेताओं ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक फसलों की एमएसपी गारंटी और अन्य मांगें नहीं मानी जातीं तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल व अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री ने आज तक किसान जत्थेबंदियों को मिलने का समय नहीं दिया है जबकि अगस्त में दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कृषि मंत्रालय से उन्हें आश्वस्त किया गया था कि जल्द ही कृषि मंत्री उनसे मिलेंगे मगर आज तक कोई उनसे नहीं मिला। पंजाब सरकार के साथ भी कुछ मसले हैं जिन पर चर्चा करने के लिए सरकार ने समय देने की बात कही है और वे सरकार के बुलावे का इंतजार कर रहे हैं। डल्लेवाल के साथ हरियाणा, गुजरात, पंजाब, यूपी, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना इत्यादि राज्यों से भी किसान जत्थेबंदियों के नेता मौजूद रहे।