बरनाला में राहुल ने पंजाब के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को साफ संदेश दे दिया है कि सत्ता हासिल करने की राह में इस बार गुटबाजी का रोड़ा आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि जो टीम प्लेयर बनकर काम नहीं करेगा उसे बाहर रिजर्व में बैठा दिया। राहुल ने सख्त लहजे में यहां तक कह दिया कि गुटबाजी करने वाले नेताओं का इलाज वे और खरगे जी मिलकर करेंगे। दरअसल पंजाब में सात नेता ऐसे हैं जो खुद को सीएम फेस मानते हैं इसके लिए वे सभी लॉबिंग में जुटे रहते हैं और उनके सुर भी पार्टी लाइन से अलग ही रहते हैं। इन नेताओं में पूर्व सीएम तक शामिल हैं। इसी वजह से पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर को कांग्रेस ने निकाला जा चुका है। उसके बाद से नवजोत सिंह सिद्धू भी शायरी के जरिये अपने सियासी विरोधियों पर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस ने सिद्धू को फिलहाल बाहर बैठा रखा है और उन्हें राहुल गांधी से मिलने का समय भी नहीं मिल पा रहा है। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भी पार्टी लीडरों के खिलाफ तंज कस रहे थे, राहुल का यह कड़ा संदेश उनके लिए भी माना जा सकता है। वहीँ इसके अलावा राहुल के इस बयाना को चरणजीत चन्नी के साथ भी जोड़कर देखा जा रहा है ,क्यूंकि हाल के दिनों में चन्नी ने पार्टी में दलितों की आवाज नहीं सुने जाने को लेकर आरोप लगाए थे।एक बैठक के दौरान चन्नी ने कहा था कि अगर मेरी ही पार्टी में मेरी बात नहीं सुनी जानी तो मैं राजनीति छोड़कर घर बैठ जाता हूं। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।चन्नी स्वयं को गरीब घर का बेटा और दलित समाज की आवाज बताते रहे हैं। मुख्यमंत्री रहते भी उन्होंने सामाजिक न्याय को अपनी राजनीति का केंद्र बताया था। उनके समर्थक इसे हाशिये के वर्गों की आवाज बुलंद करने का प्रयास मानते हैं, जबकि विरोधियों का आरोप है कि वे जातीय पहचान को राजनीतिक आधार बना रहे हैं।