पंजाब के मोहाली में स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस ने कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से जेलों में बंद सिख कैदियों (बंदी सिंहों) की रिहाई की मांग कर रहा है। ये कैदी लंबे समय से जेल में हैं। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से 15 अगस्त को पंजाब गवर्नर हाउस के घेराव के एलान के बाद शनिवार को मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। गवर्नर हाउस की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बॉर्डर पर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस और उनके बीच टकराव हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद काफी देर तक मौके पर नारेबाजी और धक्का-मुक्की होती रही। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने बल प्रयोग किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना है। वहीं कुछ पुलिस मुलाजिमों के भी घायल होने की बात सामने आई है।