पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान बहुमत हासिल कर सत्ता पर काबिज कैसा हुआ जाए इस पर हाईकमान ने चिंतन शुरू कर दिया है। पांच दिन के भीतर नई दिल्ली में हुईं दो हाई लेवल मीटिंग के दौरान इसी संदर्भ में कांग्रेसी नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, केसी वेणुगोपाल, पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने रणनीतिक चर्चा की। पंजाब में कौन सी सीटें मजबूत हैं, कड़े मुकाबले वाली हैं और कहां पार्टी कमजोर है, इस पर आला नेताओं ने मंथन किया। सूबे में आठ महीने बाद विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। दोबारा सत्ता हासिल करने के लिए पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के साथ-साथ ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) भी खासी गंभीर है। सीट-टू-सीट रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया है। इसी कड़ी में पार्टी ने पंजाब में दो अहम सर्वे करवाए हैं। एक राहुल गांधी के निर्देशों पर एआईसीसी ने करवाया है जबकि दूसरा पीपीसीसी ने। सीट-टू-सीट किया गया सर्वे पंजाब में मतदाताओं के बीच पार्टी की स्थिति, नेताओं की लोकप्रियता, पंजाब कांग्रेस का नेतृत्व और सूबे के ज्वलंत चुनावी मुद्दों पर केंद्रित है।