चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी की हत्या की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा कार जोड़तोड़ कर नहीं बनाई गई थी बल्कि राजस्थान के कोटा से चोरी हुई थी, जिसकी एफआईआर दर्ज है। इससे पुलिस का शक लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर और गहरा गया है। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि इस वारदात को पीयूष पिपलानी और अंकुश राणा ने अंजाम दिया हो। दोनों ही पंचकूला के सोनू नोल्टा मर्डर केस में वांटेड हैं और नोल्टा की हत्या के बाद राजस्थान भाग गए थे। तब उनकी लोकेशन चूरू में ट्रेस हुई थी। राजस्थान में भी रंगदारी व फायरिंग में इनकी भूमिका की जांच चल रही है। पंचकूला के एमडीसी क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों में जो दो युवक कैद हुए थे उनकी कदकाठी भी पीयूष और अंकुश से मिलती है। साथ ही ये दोनों पंचकूला से फरार होने के रास्तों से भी अच्छी तरह वाकिफ हैं। इसी वजह से चंडीगढ़ पुलिस को आशंका है कि पैरी की हत्या में भी इनकी भूमिका रही होगी। जांच में पता चला है कि कोटा से चोरी की गई क्रेटा पर लुधियाना के रमेश नगर का जो नंबर लगाया गया था वह क्रेटा के लिए जारी ही नहीं हुआ था। इसके अलावा कार के अंदर से पीबी-02 (अमृतसर) और पीबी 10 (लुधियाना) की दो फर्जी नंबर प्लेटें बरामद हुई हैं।