पंजाब कांग्रेस की नई संगठनात्मक टीम और चुनावी समितियों से मनीष तिवारी को बाहर किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। चंडीगढ़ के मौजूदा सांसद तिवारी ने इस फैसले पर सोशल मीडिया के जरिये अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इसे व्यक्तिगत पूर्वाग्रहों से प्रेरित बताया है। इससे पंजाब से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। चर्चाएं हैं कि मनीष तिवारी पार्टी छोड़ सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका होगा। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह लक्की ने मनीष तिवारी को अनुभवी और वरिष्ठ राजनेता बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी उनके अनुभव और योगदान का पूरा सम्मान करती है। लक्की ने उन अटकलों को खारिज किया जिनमें तिवारी को शामिल न किए जाने की बात कही जा रही थी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कांग्रेस आलाकमान निश्चित रूप से तिवारी की सेवाओं का उपयोग करेगा। लक्की ने पंजाब के साथ तिवारी के वर्षों पुराने जुड़ाव का भी जिक्र किया।