सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए चंडीगढ़ में जल्द ही एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया जाएगा। यह टीकाकरण भारत सरकार द्वारा यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत लागू किया जाएगा। अभियान में 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी लेकिन 15 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन दी जाएगी।
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण माना जाता है। समय पर टीकाकरण से इस बीमारी से बचाव संभव है। अभियान के तहत गार्डासिल-4 वैक्सीन दी जाएगी, जो एचपीवी के चार प्रमुख खतरनाक वैरिएंट से सुरक्षा प्रदान करती है। इस उद्देश्य से तीन महीने का विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा, जिसकी शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार होगी। सभी पात्र किशोरियों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान की तैयारियों के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जा चुकी है। जिसमें मेडिकल ऑफिसर, एलएचवी, एएनएम और अन्य स्टेकहोल्डर्स को प्रशिक्षण किया जा चुका है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ मंजीत सिंह ने कहा कि एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिए माइक्रो-प्लानिंग, लॉजिस्टिक्स और समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि अभियान शुरू होने पर वे अपनी बेटियों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एचपीवी टीका अवश्य लगवाएं, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।