सेक्टर 45 में हाउसिंग बोर्ड द्वारा तोड़े गए मकान के आस पास के लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जले। हमने वहां के लोगों से बात की। आखें नम थी। लोगों का कहना है कि जरूरत में अनुसार बदलाव किए। इसलिए वन टाइम सेटलमेंट के आधार पर इसे नियमित किया जाए। मकानों को न तोड़ा जाए। जरूरत के अनुसार किए गए बदलाव बहुत ही मजबूत हैं। मेहनत की कमाई से घर बने हैं। जब मकान लिए तब परिवार छोटे थे। अब परिवार बड़ा होने के बाद घर में बदलाव किया। परिवार का गुजारा कर रहे हैं। नोटस पर नोटिस आ रहे हैं। हमारे सिर पर तलवार लटकी है, और अब गिर गई। एक का घर नहीं टूटा ऐसा ले रहा है सबका टूटा है। हमें ऐसा लग रहा है। किसी ने रोटी नहीं खाई होगी और न सोया होगा। आखें नम हैं। यह 40 साल पुराने घर हैं। नोटिस का जवाब दिया है। स्क्क्चल स्टेबिलिटी चेक करवाया था। सभी ने अपना चेक करवाया था।