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Ferozpur: हुसैनीवाला गांव लेने के लिए भारत ने पाकिस्तान को दिए बारह गांव

फिरोजपुर के हुसैनीवाला बॉर्डर का अपना एक अलग और महत्वपूर्ण इतिहास है। 1947 में भारत-पाक बंटवारे के दौरान यह गांव पाकिस्तान के हिस्से में चला गया था। इस गांव में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की समाधि स्थित थी, जिससे इसका भारत के लिए विशेष महत्व था। शहीदों के परिजनों ने 1962 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखकर हुसैनीवाला गांव को वापस लेने की गुहार लगाई। इसके बाद नेहरू सरकार ने पाकिस्तान के साथ हुए समझौते के तहत हुसैनीवाला गांव को भारत में वापस लिया और इसके बदले पाकिस्तान को फाजिल्का के 12 गांव सौंपे। हुसैनीवाला अब भारत के हिस्से में है और यहां भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, बीके दत्त और भगत सिंह की माता की समाधि स्थित है। हर साल 23 मार्च को यहां राज्य स्तरीय शहीदी दिवस मनाया जाता है।
 

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