जंगली जानवर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। गांव कैंबवाला में दो सौ एकड़ से भी अधिक क्षेत्र में गेहूं का फसल लगा है। किसान परेशान हैं कि इनकी फसलों को जंगली जानवरों ने खराब कर दिया है। किसानों का कहना है कि जब कनक छोटी थी तो नीलगाय चर जाती है। बड़ा होने पर सुअर और मोर भी परेशान करते हैं। जंगली सुअर फसलों को खराब कर दिए हैं। सुअर फसल को खाते हैं और जमीन में गड्ढा बना देते हैं। मोर कनक की बालियों को खाते हैं। इससे किसान बहुत चिंतित हैं। समय पर पानी नहीं मिलने से फसलें खराब हो रही है। एक एकड़ कनक की खेती के लिए करीब 15 हजार रुपये का खर्च आता है। इसमें ट्रैक्टर से खेतों की जुताई, बीज, यूरिया दो बार दिया जाता है। उसके बाद डीएपी खाद के अलावा खेतों में दवा स्प्रे किया जाता है।