मालवा की धरती से ही राहुल के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी मिशन-2027 के लिए चुनावी हुंकार भर दी है। कुछ दिन पहले राहुल बरनाला में थे और शनिवार को शाह मोगा में। वीरों की भूमि पंजाब में भाजपा की जड़ें जमाने के लिए शाह ने यहां बदलाव की राजनीति का एक अलग खाका खींचा। पंजाब में भाजपा का सत्ता के लिए सियासी फार्मूला पड़ोसी सूबे हरियाणा से बिल्कुल अलग रहने वाला है, जिसके संकेत शाह की रैली में साफ दिए गए। रैली के दौरान शाह ने सूबे में सिख-हिंदू एकता के फार्मूले पर आगे बढ़ते हुए पंथक एजेंडों को धार देने और भाजपा के ट्रैक रिकॉर्ड से विरोधियों पर वार करने की रणनीति भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को समझा दी है। उन्होंने पंजाब की छह बड़ी समस्याओं बिगड़ती कानून व्यवस्था, नशा तस्करी, धर्म परिवर्तन, भ्रष्टाचार, वादा खिलाफी और किसानों की परेशानी का जिक्र करते हुए इसके समाधान के लिए सूबे में डबल इंजन की सरकार को बेहद जरूरी बताया। विभिन्न जिलों में हुए घोटालों का भी जिक्र कर शाह ने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।