लुधियाना में चाइना के मांझे (चाइनीज डोर) से 15 वर्षीय तरनजोत सिंह और महिला सरबजीत कौर की मौत के बाद अब पुलिस प्रशासन के साथ आम जनता ने भी कड़े फैसले लेना शुरू कर दिया है। गांव की पंचायतें चाइना मांझे के खिलाफ प्रस्ताव पास करने लगी हैं। पातशाही छेवीं की चरण छोह प्राप्त एतिहासिक गांव सुधार में तो पतंग उड़ाने पर ही पूर्ण पाबंदी लगाई गई है। वहीं मृतक सरबजीत कौर के ससुराल अकालगढ़ गांव की पंचायत ने प्रस्ताव पास करके चाइना मांझा बेचने और इसका इस्तेमाल करने वालों को पकड़वाने और सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया गया है। वहीं नई आबादी अकालगढ़ की पंचायत ने भी इस मामले में कड़े फैसले लेने के लिए आपात बैठक बुला ली है। इसके अलावा अन्य गांव की पंचायतों ने भी चाइना डोर के खिलाफ प्रस्ताव पास करने के लिये बैठकें बुलाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। उधर, डीएसपी दाखा वरिंदर सिंह खोसा ने थाना दाखा, जोधां और सुधार के प्रभारियों, अधिकारीयों और मुलाजिमों के साथ चाइना डोर के खिलाफ सोमवार बाद दोपहर विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके चलते ये गैर कानूनी डोर बेचने वालों की सांसें फूल गई हैं। ताबड़तोड़ छापामारी चल रही है।