फतेहपुरा इलाके में महिला काउंसलर के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में पहले नामजद किए गए कुछ युवक अमृतसर के नॉवेल्टी चौक में मीडिया के सामने आए और उन्होंने दावा किया कि उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है। मीडिया से बातचीत करते हुए रजत मैदान, जो खुद को ऑल इंडिया हिंदू संघर्ष समिति से जुड़ा बताते हैं, ने कहा कि 7 मार्च 2026 को दर्ज एफआईआर में जसप्रीत सिंह जस्सी, राहुल भिंडी समेत कुछ युवकों के नाम शामिल किए गए थे। उन्होंने कहा कि युवकों पर नशा बेचने और काउंसलर द्वारा रोकने पर फायरिंग करने का आरोप पूरी तरह झूठा है। उनके मुताबिक असल मामला एक लव मैरिज से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी रंजिश के चलते काउंसलर ने अपने ही घर के बाहर फायरिंग करवा कर युवकों को झूठे केस में फंसाने की कोशिश की। हालांकि बाद में पुलिस की निष्पक्ष जांच में सच्चाई सामने आ गई और बेगुनाह युवकों को राहत मिल गई। युवकों ने पुलिस कमिश्नर और जांच अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि गहन जांच से उनका भविष्य खराब होने से बच गया। उधर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच में यह घटना एक रची हुई साजिश निकली है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार भी बरामद किए गए हैं, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।