पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। कर्मचारी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई दौर की बैठकों के बावजूद सरकार ने अब तक किसी भी मांग पर ठोस फैसला नहीं लिया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। यूनियन नेता जोध सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने और ठेका व्यवस्था समाप्त करने का वादा किया था, लेकिन साढ़े चार वर्ष बीतने के बाद भी इन वादों को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने बदलाव की उम्मीद में सरकार का साथ दिया था, लेकिन अब वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वहीं, अमृतसर-1 डिपो के प्रधान हीरा सिंह ने कहा कि वर्ष 2007 से हजारों कर्मचारी ठेका प्रणाली के तहत कार्य कर रहे हैं। सरकार ने नियमितीकरण के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन अब तक न कोई अधिसूचना जारी हुई और न ही कोई स्पष्ट नीति लागू की गई। उन्होंने बताया कि सोमवार को चंडीगढ़ में परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ यूनियन की अहम बैठक प्रस्तावित है। यदि इस बैठक में मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तो तीन दिन की हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि अपनी जायज मांगों के पूरा होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।