श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने गुरबाणी के लाइव प्रसारण को लेकर चल रहे विवाद पर स्पष्ट किया कि श्री दरबार साहिब से गुरबाणी के प्रसारण संबंधी किसी चैनल या संस्था को अपनी मर्जी से निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। प्रसारण की व्यवस्था और इससे जुड़े फैसले लेने का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पास है। उन्होंने कहा कि गुरबाणी सर्वसाझी है, लेकिन इसके प्रबंधन, मर्यादा और सम्मान की जिम्मेदारी एसजीपीसी की है। कोई भी चैनल गुरबाणी का प्रसारण करना चाहता है तो उसे एसजीपीसी से अनुमति लेनी होगी। बिना मंजूरी प्रसारण करना उचित नहीं है। जत्थेदार ने एसजीपीसी के प्रस्तावित आधिकारिक चैनल को जल्द शुरू करने की जरूरत बताते हुए कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार को मंजूरी संबंधी मामला भेजा गया है। केंद्र को जल्द अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने बंदी सिंहों की रिहाई और पैरोल के मुद्दे पर भी सरकारों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने भाई जगतार सिंह हवारा को अपनी बुजुर्ग मां से मिलने के लिए पैरोल देने की मांग करते हुए कहा कि बेटे का मां से मिलना मानवीय अधिकार है। उन्होंने पूरे पंथ से निशान साहिब के नीचे एकजुट होकर चढ़दी कला के लिए काम करने की अपील की।