शिरोमणि अकाली दल (पुनरुत्थान) के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य सत्ता या किसी पद को हासिल करना नहीं, बल्कि पंजाब और पंथ के अधिकारों को लेकर लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि अकाल पुरख की ओट-आसरे के साथ पंथक अधिकारों की लड़ाई आगे बढ़ाई जा रही है। पार्टी में नए साथियों के शामिल होने का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि साथ छोड़कर जाने वालों की चिंता नहीं है। दृढ़ता और विश्वास के साथ खड़े रहने वाले ही पंथ की असली ताकत हैं। पार्टी के पंजीकरण को लेकर उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से संबंधित कानूनी प्रक्रिया और औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जल्द ही उम्मीदवारों के नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे। गुरबाणी प्रसारण के मुद्दे पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि किसी एक चैनल का एकाधिकार नहीं होना चाहिए। सभी चैनलों को गुरबाणी प्रसारण का अधिकार मिलना चाहिए और इसके लिए एसजीपीसी को स्पष्ट नियम बनाने चाहिए। बंदी सिंहों की रिहाई और पैरोल के मुद्दे पर उन्होंने राजनीतिक दलों से सियासी लाभ न लेने की अपील की। सुखबीर बादल से गठजोड़ पर उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब के हुकमनामे की रोशनी में बातचीत होने पर ही विचार संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह दोबारा जत्थेदार बनने की दौड़ में नहीं हैं।