पंजाब राज्य एवं चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के सदस्य जतिंदर सिंह संटी ने शुक्रवार को सुल्तानविंड थाने का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया और कमियों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को 15 दिन के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संटी ने थाने में बंद कैदियों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी ली और यह भी पूछा कि पुलिस उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार आयोग का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा करना तथा सरकारी संस्थानों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है। संटी ने बताया कि आयोग की सिफारिश पर राज्य सरकार ने अस्पतालों द्वारा बकाया बिल के कारण मृतक का शव परिजनों को रोककर न रखने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद पंजाब ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य होगा।