पंजाब में बिजली संकट को लेकर किसान मजदूर मोर्चा ने मंगलवार को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के अनुसार, 17 जिलों के 31 स्थानों पर पावरकॉम के एक्सईएन, एसडीओ और अन्य अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और आम उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि लंबे बिजली कटों के कारण धान की फसल प्रभावित हो रही है और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोर्चा ने कृषि मोटरों के लिए प्रतिदिन 16 घंटे तथा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने का भी विरोध किया और कहा कि इससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। किसानों ने पावरकॉम में खाली पड़े पदों पर जल्द भर्ती करने तथा बिजली बोर्ड के निजीकरण की किसी भी कोशिश को रोकने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली संकट का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।