बेअदबी के बढ़ते मामलों को लेकर दल खालसा द्वारा रईया में एक अहम सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न सिख संगठनों और नेताओं ने भाग लेकर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की और संयुक्त रणनीति बनाने पर जोर दिया। सेमिनार में पंजाब सरकार द्वारा 13 अप्रैल को बुलाए गए विशेष सत्र और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की 6 अप्रैल को प्रस्तावित बैठक तथा सरबत खालसा के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बेअदबी का मुद्दा लंबे समय से चला आ रहा है और इसका समाधान केवल कानूनी कार्रवाई से संभव नहीं है। नेताओं ने कहा कि कानून बनाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ सिख समुदाय को भी अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार जिम्मेदारी निभानी होगी। बेअदबी के मामलों के पीछे की साजिश और आरोपियों की मंशा उजागर करना भी बेहद जरूरी बताया गया।