श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने होला मोहल्ला के पावन अवसर पर समूची सिख संगत को विशेष संदेश जारी किया है। उन्होंने अपील की कि यह पर्व चढ़दी कला, आपसी भाईचारे और खालसाई जौहर-जलाल के साथ मनाया जाए। जत्थेदार ने कहा कि होला मोहल्ला सिख इतिहास, शौर्य और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। इस अवसर पर गुरमत मर्यादा, सिख रीति-रिवाजों और परंपराओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने संगत से आग्रह किया कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, फिजूलखर्ची या मर्यादा के विपरीत गतिविधियों से दूर रहें। ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने कहा कि होला मोहल्ला केवल उत्सव नहीं, बल्कि सिख कौम की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से गुरबाणी, कीर्तन, गतका और धार्मिक दीवानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संदेश दिया। अंत में उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व समूची मानवता के लिए शांति, एकता और सेवा भाव का संदेश लेकर आए।