कांग्रेस नेता डॉ. राजकुमार वेरका ने पंजाब सरकार की महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 देने की योजना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान पंजाब की महिलाओं से हर महीने ₹1000 सीधे उनके खातों में भेजने का वादा किया था, लेकिन सरकार का कार्यकाल लगभग समाप्त होने को है और यह वादा अब तक पूरा नहीं हो पाया है। मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. वेरका ने कहा कि अब सरकार दावा कर रही है कि 1 जुलाई से महिलाओं के खातों में राशि भेजना शुरू किया जाएगा और तीन-तीन महीने की किस्त एक साथ जारी की जाएगी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के हित में काम करना चाहती है तो केवल तीन महीने की राशि देने की बात क्यों की जा रही है। सरकार को अपने चुनावी वादे के अनुसार पिछले पांच वर्षों का पूरा बकाया एकमुश्त देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है। केवल घोषणाएं करके लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता। डॉ. वेरका ने योजना की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में महिलाओं की संख्या लगभग डेढ़ करोड़ है, लेकिन अब तक 10 प्रतिशत महिलाओं के भी आवेदन पत्र नहीं भरे गए हैं। ऐसे में योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक कैसे पहुंचेगा, यह एक बड़ा सवाल है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार कुछ चुनिंदा महिलाओं के खातों में राशि डालकर पूरे प्रदेश में योजना लागू होने का संदेश देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब की महिलाएं अब वादों और हकीकत के बीच का अंतर समझ चुकी हैं। डॉ. वेरका ने मांग की कि यदि सरकार अपने वादे को लेकर गंभीर है तो महिलाओं को पिछले पांच वर्षों का पूरा बकाया भुगतान किया जाए और योजना को पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाए।