हाइवे निर्माण के साथ जुड़े संपर्क मार्गों पर लापरवाही का मामला सामने आया है। भगवानपुर–रानेपुर मार्ग पर बनाई गई सड़क की कम चौड़ाई को लेकर स्थानीय एक निजी विद्यालय के प्रिंसिपल अनिल जोसेफ ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्कूली बस के साथ कोई हादसा होता है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था जिम्मेदार होगी। प्रिंसिपल अनिल जोसेफ के अनुसार सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई है। जहां सड़क की चौड़ाई लगभग तीन मीटर होनी चाहिए थी, वहां मात्र करीब 2.1 मीटर ही ढालकर कार्य पूरा कर दिया गया है। इससे स्कूली बसों के संचालन में खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन दर्जनों वाहन और सेंट जोसेफ विद्यालय की 50 से अधिक बसें बच्चों को लेकर आवागमन करती हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि हाइवे से गांवों को जोड़ने वाले कई मार्गों पर 50 मीटर से भी कम हिस्से में ही सड़क निर्माण किया गया है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। बिसुनपुरा हाइवे से होकर गुजरने वाला भगवानपुर–रानेपुर मार्ग भी इसी समस्या से जूझ रहा है।प्रिंसिपल ने आरोप लगाया कि पहले भले ही सड़क क्षतिग्रस्त थी, लेकिन बसों का आवागमन सुचारू रूप से हो जाता था। अब संकरी सड़क के कारण हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, इस मामले में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राजेश कुमार का कहना है कि सड़क का निर्माण पहले से मौजूद चौड़ाई के मानक के अनुसार ही किया गया है।