शब-ए-मालवा की सुहानी शामों के लिए प्रसिद्ध रहे इंदौर का मौसम अब बदल गया है। गर्मी में भी शामें ठंडक नहीं देती हैं। इंदौर और उसके आसपास से तेजी से विकास के नाम पर पेड़ काटे जा रहे हैं। दो लाख से ज्यादा पेड़ों के कटाई की अनुमति मिल चुकी है। वहीं पहले जो पेड़ काटे गए हैं। उनकी भरपाई के लिए उतने पेड़ नहीं लगाए गए जितने काटे गए। इस वजह से शहर के कई इलाके हरियाली का सूनापन झेल रहे हैं।