मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में बीती रात एक निजी अस्पताल में अल्प बीमारी के बाद मूलतः आदिपुर कच्छ, गुजरात निवासी दिवंगत दमयंती बेन पत्नी रमनलाल गाला की अंतिम इच्छा नेत्रदान देहदान करने की थी। उनकी इस इच्छा को विदिशा की डॉक्टर रुपाली जैन के सहयोग से पूर्ण कराई गई।
इसी इच्छा के चलते (चलो आज कुछ अच्छा करते हैं) ग्रुप के अनुरोध पर डॉक्टर रुपाली जैन ने दिवंगत दमयंती गाला के पार्थिव देह से देर रात्रि नेत्र निकालकर समाजसेवी अतुल शाह के सहयोग से भोपाल भेजा गया था। भोपाल एम्स के नेत्र रोग विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो दिन के अंदर नेत्रहीन दो व्यक्तियों को नेत्र प्रत्यारोपण भी किया जाएगा। इस अवसर पर दमयंती बेन का पार्थिव शरीर समाज, परिजनों और स्नेहीजनों की उपस्थिति में विद्यार्थियों के शोध व अध्ययन हेतु विदिशा के अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर मनीष निगम को सौंपा गया है।
दरअसल, मूल रूप से गुजरात के कच्छ में रहने वाली दमयंती गाला हाल में विदिशा में निवास कर रही थी। जिनका देहांत होने के बाद परिवार के सदस्यों ने उनके द्वारा लिए गए देहदान और नेत्रदान के संकल्प को पूरा करते हुए नेत्रदान भोपाल एम्स में कराया। वहीं, उनके देह का मेडिकल कॉलेज विदिशा में दान कराया गया है। इस दौरान विदिशा के समाजसेवी अतुल शाह ने बताया कि गाला परिवार द्वारा अपने घर की महिला की अंतिम इच्छा को पूर्ण करते हुए यह कार्य किया गया है, जिससे मेडिकल कॉलेज में अध्यनरत बच्चों को अध्यन के लिए यह काफी उपयोगी साबित होगा।