विदिशा जिले के गंजबसौदा तहसील अंतर्गत उदयपुर गांव में अवैध रूप से संचालित पत्थर खदान से जुड़ा एक दर्दनाक मामला सामने आया है। खदान पर काम कर रहे मजदूर मुकेश साहू की नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को पुलिस चौकी के सामने रखकर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि बीती रात वन विभाग की टीम ने उदयपुर क्षेत्र में पत्थर खदानों पर दबिश दी थी। इसी दौरान मौके से भागते समय मुकेश साहू नदी में कूद गया, जहां उसकी डूबने से मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि डर और अफरातफरी के माहौल में यह हादसा हुआ।
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प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उदयपुर क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से पत्थर खदानें संचालित हो रही हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। उनका कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक लगाई जाती, तो यह हादसा नहीं होता।
वहीं, इस मामले में वन विभाग के डीएफओ हेमंत यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वन क्षेत्र की भूमि पर उत्खनन को लेकर कई बार समझाइश दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीती रात विभाग द्वारा किसी भी तरह की छापामार कार्रवाई नहीं की गई है।
एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने लोगों को शांत कर यातायात बहाल कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।