मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के अंतर्गत आने वाली वन विभाग की भूमि पर पिछले कई वर्षों से रह रहे सहारिया आदिवासियों को गुरुवार को वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए खेतों और मकानों को अतिक्रमण बताकर बेदखल कर दिया, जिसके पश्चात शुक्रवार को ग्रामीण विदिशा कलेक्टर के पास पहुंचे और अपनी पीड़ा ज्ञापन के माध्यम से बताई।
आपको बता दें विदिशा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम गंगरवाडा के मेहंदीपुर बस्ती में रहने वाले सहरिया आदिवासी परिवारों की जमीनों पर वन विभाग द्वारा खड़ी फसल को रौंधने और वहां तार फेंसिंग करने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहित रघुवंशी पूर्व प्रदेश महामंत्री सुभाष बोहत अरुण स्वास्थ्य सहित अन्य नेताओं द्वारा कलेक्टर के पास पहुंचकर सहरिया आदिवासियों की इस समस्या को उठाते हुए कहा गया कि एक ओर जहां प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहरिया आदिवासियों को उनके घर पर पहुंचकर सुविधा दे रहे हैं तो यहां प्रशासन इन नियमों की अनदेखी करते हुए उन्हें बेघर करने पर तुला है।
बताया गया कि यहां तीन पीढ़ियों से सहरिया आदिवासी रह रहे हैं। उसके बाद भी उनकी जमीनों पर प्रशासन द्वारा इस प्रकार से कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात की और कलेक्टर से इस संबंध में कार्रवाई को रोकने और सहारिया आदिवासियों को यथावत रखने की मांग कि बात कहते हुए पट्टे उपलब्ध कराए जाने के संबंध में अपनी राय रखी।
वहीं, पीड़ित आदिवासियों के मुताबिक चालीस से पचास परिवार लगभग कई वर्षों से पहाड़ी के पास स्थित जमीन पर खेती करके अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। लेकिन गुरुवार को बगैर किसी नोटिस के वन विभाग के लोग आए और हमारी फसलों को हटाने लगे।