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गजब है भाई: चंबल में डकैत नहीं...फिर भी रिकॉर्ड में पुलिस ने एक साल में करीब 106 डकैत खड़े कर दिए, जानिए कैसे

Thu, 09 Jan 2025 07:41 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल में डकैतों का खौफ खत्म हुए 15 साल से ज्यादा का वक्त गुजर गया है। बीहड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां फिल्में बन रही हैं, दूसरी ओर रिकॉर्ड में पुलिस ने एक साल में करीब 106 डकैत खड़े कर दिए हैं। इसकी वजह साल 1981 में लागू हुआ 'एमपी डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम' है। इसे डकैतों पर नियंत्रण के लिए बनाया गया था।

गोलियों की बरसात करते हुए, ये चंबल के डकैत हैं, जिनमें से कुछ जेल की सलाखों के पीछे हैं तो कुछ सजा काट कर बाहर आ चुके हैं। लेकिन इनके लिए साल 1981 में बनाई गई 11/13 डकैती अधिनियम की धारा जिंदा है, जिसका असर ये है कि इस अधिनियम का उपयोग अब मोबाइल झपटने, अपहरण और बलवा जैसी घटनाओं में किया जा रहा है। कानून के जानकार और बुद्धिजीवी मानते हैं कि इस धारा को खत्म करना चाहिए।

यह अधिनियम सात अक्टूबर 1981 को उन क्षेत्रों में लागू किया गया था, जहां 70-80 के दशक में डकैती, लूट और फिरौती के लिए अपहरण होते थे। अभी ग्वालियर जोन में यह ग्वालियर व शिवपुरी, चंबल जोन में भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया और रीवा जोन में रीवा और सतना में यह लागू है। अधिनियम बीएनएस-2023 (IPC-1860) की धाराओं के साथ उपयोग हो रहा है। इस धारा में विशेष कोर्ट में जमानत नहीं होती। इसलिए इस धारा का उपयोग किया जा रहा है। आईजी ग्वालियर कहते हैं, जो धारा के तहत अपराध होते हैं, तभी इसकी उपयोग होता है।

ग्वालियर-चंबल के दर्ज अपराधों की स्थिति ग्वालियर में साल 2023 में 48 और साल 2024 में 35 मुकदमे दर्ज हुए शिवपुरी में साल 2023 में 34 और 2024 में 19 मुकदमे दर्ज हुए मुरैना में साल 2024 में 12 मुकदमे दर्ज हुए भिंड जिले में साल 2024 में 15 मुकदमे दर्ज हुए दतिया में साल 2024 में 11 मुकदमे दर्ज हुए श्योपुर में साल 2024 में चार मुकदमे दर्ज हुए
  इस धारा का दुरुउपयोग इससे भी समझा जा सकता है कि 11 दिसंबर 2023 को दिल्ली से ग्वालियर आ रहे पीके यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. रणजीत यादव को मुरैना में अटैक आया। एंबुलेंस न मिलने पर लॉ स्टूडेंट्स हिमांशु श्रोतिय और सुकृत शर्मा ने हाईकोर्ट जज की कार लेकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उनके खिलाफ ग्वालियर के थाना पड़ाव में लूट और डकैती का केस दर्ज हुआ। वहीं, डबरा के वकील चंद्रभान मीणा का ग्राम बेलगढ़ा में जमीन को लेकर केदार रावत से विवाद था, जिसके बाद उन पर लूट और डकैती का केस दर्ज हो गया था।

ग्वालियर में मटन और पार्टी के लिए लग्जरी गाड़ी से चुराते हैं बकरी
ग्वालियर में लग्जरी कार से बकरी चोरी करने का एक अनोखा मामला सामने आया है। चोर इस कार में बैठकर बकरियां चुराते थे। पुलिस को जब इस घटना के बारे में पता चला तो कार का पीछा किया। डर कर भाग रहे चोरों ने लग्जरी कार छोड़ दी और बकरियां लेकर भाग गए। घटना ग्वालियर ग्रामीण इलाके के दगियापुरा बेहट थाना क्षेत्र की है।

दरअसल, ग्रामीण इलाके में इन दिनों बकरी चोर गैंग सक्रिय है। आए दिन ग्रामीण क्षेत्र से बकरी और बकरा चोरी होने की शिकायत पुलिस के पास आ रही थी। यह गैंग इतनी शातिर है कि लग्जरी गाड़ी को बकरा बकरी चुराने में उपयोग करती थी, जिससे कि पुलिस को इन पर कोई शक न हो। 



बेहट थाना क्षेत्र में आने वाले दगियापुरा निवासी मंगल सिंह ने थाने में बकरी चोरी होने की शिकायत की थी। साथ ही उसने पुलिस को बताया कि वह सड़क किनारे अपनी चार बकरियों को चरा रहा था। तभी एक कार सड़क किनारे रुकी और उसमें से एक व्यक्ति बाहर निकला। कुछ देर आसपास टहलने के बाद एक बकरी को उठाकर कर भागने लगा। यह देख मंगल सिंह पहले तो चिल्लाया और तुरंत उसने पुलिस को सूचना दी।

जानकारी मिलते ही पुलिस भी कार के पीछे लग गई। ऐसे में आरोपी अपनी कार को जंगल में छोड़कर भाग गए। लेकिन बकरी को वह अपने साथ ले गए। बताया गया है कि यह चोर पार्टी करने और मटन खाने के शौकीन हैं। चोरों के पास से बरामद की गई यह कार सिंधिया नगर शब्द प्रताप आश्रम निवासी अनिल जादौन की बताई गई है। पुलिस अब गाड़ी मालिक के जरिए इन चोरों को पकड़ने की कोशिश में जुटी है। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि पर्यटन स्थल पर आए दिन शराब खोरी हो रही है और पशुओं की हड्डियां मिल रही हैं।

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