जब कोई उच्च प्रशासनिक अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सहजता के साथ अपने पदीय दायित्व का निर्वहन करता है तो उसके प्रति जनमानस में आदरभाव का बढ़ना भी स्वाभाविक हो जाता है। कुछ ऐसी ही संवेदनशीलता के साथ सिंगरौली कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला ने जिस तरह से कलेक्ट्रेट कार्यालय में माली का काम करने वाले एक बौने कद के दिव्यांग युवक के प्रति आत्मीयता दिखाई, उससे न केवल बौने कद के दिव्यांग संजय को तात्कालिक राहत मिली। बल्कि उसे शीघ्र न्याय मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई।
दरअसल, कलेक्ट्रेट कार्यालय में स्थित पार्क में माली का काम कर रहे बौने कद के दिव्यांग संजय ने कलेक्टर को बताया कि वह माली का काम करता है। लेकिन उसे परिश्रम बहुत कम मिलता है।
सिंगरौली कलेक्टर ने न केवल उसकी बातों को गंभीरता से सुना, बल्कि उसे अपने बगल में बैठाया। उसका हाल चाल जाना, परिवार के बारे में भी कलेक्टर ने हाल चाल जाना। इसके बाद कलेक्टर ने उसे ठंड से बचने के लिए कंबल भेंट किया और संबंधित विभाग को निर्देशित किया कि इसका पारिश्रमिक बढ़ाया जाए, ताकि दिव्यांग को घर चलाने में सुविधा हो सके।
अपनी फरियाद लेकर संजय कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला ने उसकी हालत देखकर उसे अपनी टेबल पर बैठाकर न केवल उसकी फरियाद सुनी, बल्कि उसे ठंड से बचने के लिए कंबल भी भेंट किया।