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सिंधिया से ऐसा क्यों बोले मोहन के मंत्री: महाराज आपको सीमा रेखा लांघना ही पड़ेगा, आपके अंदर की पीड़ा और दर्द..

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Updated Mon, 24 Mar 2025 08:04 PM IST

मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सिंधिया समर्थक प्रद्युमन सिंह तोमर एक भाषण के बाद मध्यप्रदेश की सियासी हलचल तेज हो गई है। गुना से लोकसभा के सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर उनके करीबी मंत्री ने कहा कि आपके बिना ग्वालियर में विकास नहीं हो रहा, कुछ मजबूरियां होगी...लेकिन महाराज आपको सीमा रेखा को लांघना ही पड़ेगा। आपके अंदर की पीड़ा और दर्द हम समझते हैं महाराज!

ग्वालियर के विजयाराजे सिंधिया कन्या महाविद्यालय के कार्यक्रम का यह वो मंच है, जिसमें बीजेपी के नेता और सिंधिया के करीबी कार्यकर्ता नजर आ रहे हैं। इस कार्यक्रम में मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर के भाषण के क्या मायने हैं, यह भी हम आपको बताएंगे। लेकिन जिस भाषण से सियासी हलचल मच गई है, पहले वो सुन लीजिए।

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मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का यह भाषण ग्वालियर चंबल अंचल की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। अपने भाषण में प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बार-बार गुहार लगाई। उन्होंने यह भी कहा कि साल 1956 में जो ग्वालियर में विकास था, वह विकास अब नहीं हो रहा। जबकि प्रदेश सरकार लगातार ग्वालियर चंबल अंचल को ऊंचाइयों पर पहुंचने की बात कर रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से सांसद और केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। लेकिन उन्हें बार-बार ग्वालियर के विकास की चिंता करने बात कही जा रही है। जबकि बीजेपी के भारत सिंह कुशवाह ग्वालियर से लोकसभा के सांसद हैं।

अब चर्चा इस बात की हो रही है कि मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भला अपने महाराज से कौन सी सीमा लांघने के बात कर रहे हैं। क्या ऐसा संभव है कि सिंधिया गुना छोड़कर अब ग्वालियर की राजनीति करें...क्या सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री सिंधिया की कम सक्रियता से परेशान हैं।

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दूसरा सवाल यह भी है कि ग्वालियर जिले में जो भी औद्योगिक विकास हुआ, उसमें ज्यादातर 1956 के पहले का ही है। यह बात सही है कि उसे समय सिंधिया रियासत ने कई बड़े-बड़े विकास कार्य किए। लेकिन उसके बाद जो भी विकास हुए, वह पहले कांग्रेस और फिर बीजेपी की सरकार के दौरान किए गए। मंत्री के इस भाषण को कांग्रेस ने आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस का कहना है कि पहले तो सिंधिया कांग्रेस की सीमा लांघ कर गए, अब उनके मंत्री कौन सी सीमा की बात कर रहे हैं।

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ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर की बयान से स्पष्ट हो गया है कि ग्वालियर चंबल अंचल में इस समय गुटबाजी बहुत हावी है। ये गुटबाजी सिंधिया और ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाहा के बीच है। यही वजह है कि दोनों एक दूसरे के कार्यक्रम में लंबे समय से नहीं जा रहे हैं और ग्वालियर में सिंधिया की सक्रियता भी यहां के सांसद को पसंद नहीं आ रही। लेकिन सिंधिया ग्वालियर में अपनी सक्रियता और मौजूदगी हमेशा चाहते हैं। इसलिए ग्वालियर में सिंधिया की कम मौजूदगी कहीं न कहीं उनके समर्थक मंत्रियों को भी परेशान कर रही है। 

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