बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) में चल रहे गौर संरक्षण प्रोजेक्ट पर खतरा मंडराने लगा है। शुक्रवार रात करीब 11 बजे एक नर बाघ कल्लवाह परिक्षेत्र में स्थित गौर बाड़े के पास पहुंच गया, जिससे वहां रखे गौर घबरा गए और बेचैनी बढ़ गई।
इस बाड़े में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से लाए गए 22 गौरों को रखा गया है। बाड़े की सुरक्षा में तैनात श्रमिकों ने तत्काल इसकी सूचना टाइगर रिजर्व प्रशासन को दी। जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और सतर्कता से बाघ को वहां से खदेड़ दिया। गनीमत रही कि बाड़े के चारों ओर सोलर फेंसिंग लगी थी, जिससे बाघ अंदर नहीं घुस सका। अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी गौर सुरक्षित हैं।
गौर संरक्षण परियोजना की सुरक्षा पर सवाल
गौर संरक्षण के तहत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने कल्लवाह के करकचहा जंगल में 20 हेक्टेयर का विशेष बाड़ा तैयार किया है, जहां गौरों की देखभाल की जा रही है। हालांकि, हालिया घटना ने संरक्षण परियोजना की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिजर्व प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि बाड़े की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा और बाघों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। गौरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त बढ़ाने और तकनीकी साधनों का उपयोग करने की योजना भी बनाई जा रही है।
प्रशासन अलर्ट मोड में
क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि जैसे ही बाघ के मूवमेंट की सूचना मिली, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और इस घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम और कड़े किए जाएंगे।