पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल के "भीख मांगने" वाले बयान पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस ने इसे जनता का अपमान बताते हुए मंत्री की मानसिकता पर सवाल उठाए हैं। बुधवार को इस मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी प्रवक्ता एवं जिला मीडिया प्रभारी अमित तांवरे ने कहा, "जो जनता रंक को राजा बना सकती है, वह भिखारी कैसे हो सकती है?" उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को भगवान बताने वाले भाजपा नेता अब सत्ता में आकर जनता का अपमान कर रहे हैं।
अपना हक मांगना गुनाह नहीं
प्रदेश प्रवक्ता तांवरे ने कहा कि भाजपा ने प्रदेश की बहनों को 3,000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन वादे पूरे नहीं हुए। प्रदेश महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अपराध में शीर्ष पर है। ऐसी स्थिति में जनता अगर सरकार से अपनी समस्याओं और सुविधाओं की मांग करती है, तो इसे "भीख" कहना वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता। कांग्रेस ने इस बयान को अपमानजनक बताते हुए भाजपा से माफी मांगने और प्रहलाद पटेल को मंत्री पद से हटाने की मांग की है।
भाजपा नेताओं में सत्ता का अहंकार
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं को यह भ्रम हो गया है कि उनके "अच्छे दिन" कभी खत्म नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं, जो जनता का अपमान हैं। कांग्रेस इस टिप्पणी का कड़ा विरोध करेगी और 15 मार्च तक प्रदेशभर में प्रदर्शन करेगी।
विरोध कार्यक्रम के तहत 6 मार्च को ब्लॉक स्तर पर पुतला दहन किया जाएगा। 8 मार्च को जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा अन्य विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे। इस प्रेसवार्ता में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश शर्मा, ठाकुरदास सचदेव, त्रिभुवन प्रताप सिंह, अमृतलाल यादव, प्रवक्ता अशोक गौंटिया, ब्लॉक अध्यक्ष शिशुपाल यादव, मिथलेश राय, राजीव सिंह बघेल, रामायणवती कोल, उमेश कोल समेत अन्य नेता और जिले के पत्रकार उपस्थित रहे।