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Mahakal Bhasma Aarti Ujjain: श्री महाकाल के शीष पर दिखाई दिया सर्प, चंद्रमा व त्रिशूल से किया आरती का श्रृंगार

Sat, 02 May 2026 07:50 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा पर शनिवार सुबह महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्त देर रात से ही कतार में लगकर अपने इष्ट देव के दर्शन के लिए इंतजार करते रहे। तड़के सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ ही भस्म आरती प्रारंभ हुई। इस अवसर पर भगवान महाकाल का अलौकिक श्रृंगार किया गया और भस्म अर्पित की गई। दिव्य दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से गूंज उठा। मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि सुबह वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान घंटानाद के साथ ‘हरि ओम’ का उच्चारण करते हुए जल अर्पित किया गया। इसके बाद पुजारियों और पुरोहितों ने भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार किया और कपूर आरती के पश्चात उन्हें नवीन मुकुट धारण कराया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। आज के विशेष श्रृंगार में भगवान महाकाल के मस्तक पर त्रिशूल, चंद्रमा और सर्प की आकृति सजाई गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य और अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

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न्यायमूर्ति सत्येंद्र कुमार सिंह ने उज्जैन पहुंचकर ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती के दर्शन किए। इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा उनका स्वागत किया गया।
यह है आरती का समय
- भस्म आरती सुबह 4 से 6 बजे तक
- दद्योदक आरती प्रात: 7 से 7:45 बजे तक
- भोग आरती प्रात: 10 से 10:45 बजे तक
- संध्या पूजन सायं 5 से 5:45 बजे तक
- संध्या आरती सायं 7:00 से 7:45 बजे
- शयन आरती रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक
महाकालेश्वर मंदिर मे आरतियों के समय में हुआ यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक जारी रहेगा।    

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