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Ujjain News: माघ कृष्ण एकादशी पर महाकाल दरबार में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भस्म आरती में हुए दिव्य दर्शन

Wed, 14 Jan 2026 08:06 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

माघ मास कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर बुधवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उज्जैन में हजारों भक्त देर रात से ही कतार में लगकर अपने आराध्य भगवान बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उत्साहित नजर आए। प्रातः चार बजे मंदिर के पट खुलते ही बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन हुए, जिससे पूरा मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा। भस्म आरती के अवसर पर बाबा महाकाल को भस्म रमाकर आकर्षक और अलौकिक श्रृंगार किया गया। भक्तों ने इस दिव्य दर्शन का लाभ लिया और श्रद्धा भाव से भगवान के दर्शन किए। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि माघ माह कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर प्रातः चार बजे परंपरागत विधि-विधान से भस्म आरती संपन्न हुई। वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए, जिसके पश्चात पंडे-पुजारियों द्वारा गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया गया।

ये भी पढ़ें- MP Weather Today: प्रदेश ठंड का असर जारी, ग्वालियर-चंबल सबसे ज्यादा ठंड,15 जनवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत एवं फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरि ओम’ के जल से अभिषेक किया गया। कपूर आरती के पश्चात बाबा महाकाल का आकर्षक श्रृंगार कर उन्हें नवीन मुकुट धारण कराया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के साथ भस्म आरती संपन्न हुई। आज के श्रृंगार की विशेषता यह रही कि बाबा महाकाल का भस्म से अलौकिक श्रृंगार किया गया और तिल के पकवानों का भोग अर्पित किया गया। मान्यता है कि भस्म अर्पण के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्री महाकालेश्वर मंदिर में आरती का समय
प्रथम भस्म आरती: प्रातः 4:00 से 6:00 बजे तक
द्वितीय दद्योटक आरती: प्रातः 7:30 से 8:15 बजे तक
तृतीय भोग आरती: प्रातः 10:30 से 11:15 बजे तक
चतुर्थ संध्याकालीन पूजन: सायं 5:00 से 5:45 बजे तक
पंचम संध्या आरती: सायं 6:30 से 7:15 बजे तक शयन आरती: रात्रि 10:30 से 11:00 बजे तक (आरती का यह क्रम फाल्गुन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तक प्रभावी रहेगा।)

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