सिंहस्थ की आरक्षित भूमि पर आस्था की आड़ लेकर किए जा रहे व्यावसायिक अतिक्रमण के विरुद्ध बुधवार को नगर निगम और जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सुबह भारी पुलिस बल के साथ नगर निगम की रिमूवल गैंग लालपुर और नरसिंह घाट क्षेत्र पहुंची, जहां 'आश्रम' निर्माण के नाम पर बनाए जा रहे आलीशान और होटलनुमा अवैध ढांचों को जमींदोज कर दिया गया।
प्रशासन को सूचना मिली थी कि श्री स्वामी पुण्यानंद आश्रम शंकराचार्य मठ, क्षत्रिय कलोता समाज पारमार्थिक न्यास और अखिल भारतीय चंद्रवंशी बागरी समाज जैसे प्रमुख स्थानों पर आश्रम की आड़ मे लग्जरी होटल जैसी भव्य इमारतें खड़ी की जा रही हैं। इसी क्रम में शंकराचार्य मठ, माधवानंद आश्रम और इंद्रदेव गुरु के अवैध शेड परिसर में बने अवैध पक्के निर्माण पाए गए। अपर आयुक्त संतोष टैगोर और एसडीएम के नेतृत्व में चली इस मुहिम में जेसीबी और पोकलेन के माध्यम से लगभग एक लाख स्केयर फिर क्षेत्र से अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि सिंहस्थ क्षेत्र की मर्यादा और मास्टर प्लान का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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आश्रम के नाम पर बना ली थी लग्जरी होटल
कार्रवाई के दौरान यह बात देखने को मिली कि आश्रम के नाम पर लग्जरी होटल का निर्माण कई स्थान पर कर लिया गया था। सुबह नगर निगम की टीम पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ विरोध देखा गया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के कारण यह कार्रवाई जारी रही और अतिक्रमण हटा दिया गया।
अपर आयुक्त बोले - नोटिस देकर हो रही कार्रवाई
इस पूरे मामले में नगर निगम के उपायुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण की काफी शिकायतें मिल रही थी जिसके बाद नगर निगम और रेवेन्यू विभाग द्वारा पहला सर्वे करवाया गया और फिर उसके बाद नोटिस जारी किए गए और फिर नोटिस के जवाब से संतुष्ट न होने पर विधि अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।