धार्मिक नगरी उज्जैन में भी ईरान-इस्राइल युद्ध के चलते कमर्शियल गैस सिलिंडरों की सप्लाई चैन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे महाकाल मंदिर क्षेत्र में संचालित होने वाले करीब 800 रेस्टोरेंट और भोजनालयों के सामने संचालन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बाजार में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति लगभग ठप हो चुकी है। एक सामूहिक शादी समारोह में भी इसकी किल्लत बड़ी परेशानी बन गई। लोगों ने गैस सिलिंडर की मदद की तब सामूहिक विवाह समारोह की रसोई बन पाई और विवाह समारोह सम्पन्न हुआ।
पूरा मामला कुछ इस प्रकार है कि बुधवार को चिंतामण स्थित श्री श्यामधाम आश्रम के सामूहिक विवाह की रसोई व्यवस्था गैस सिलिंडर की कमी के कारण चरमरा गई। श्री श्यामधाम आश्रम के महंत संत राधे-राधे बाबा श्यामगिरी महाराज ने बताया कि 11 जोड़ों के निःशुल्क सामूहिक विवाह के लिए विशाल भंडारे का आयोजन था, लेकिन गैस सिलिंडर उपलब्ध न होने से बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। भोजन तैयार करने के लिए टीम को शहर के विभिन्न हिस्सों से सिलिंडर मांगकर इकट्ठा करने पड़े। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवा का संकल्प अटूट है और समाज के सहयोग से यह मांगलिक कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, लेकिन सिलिंडर की यह कमी आने वाले समय के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। बाबा ने यह भी बताया कि दूल्हा दुल्हन को उपहार स्वरूप दिए जाने वाले गैस कनेक्शन भी तुरंत उपलब्ध नहीं हो सके।
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अब कोयले और लकड़ी पर पकेगा भोजन
उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र में संचालित होने वाले करीब 800 रेस्टोरेंट और भोजनालयों के सामने संचालन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बाजार में कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति लगभग ठप हो चुकी है। मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ अब संचालकों ने पारंपरिक विकल्पों की ओर रुख किया है। क्षेत्र के अधिकांश होटलों में अब कोयले और लकड़ी की भट्टियां सुलगने लगी हैं, वहीं कई संचालकों ने बैकअप के तौर पर इंडक्शन चूल्हों के ऑर्डर दिए हैं।