श्रावण मास के अंतर्गत अगर आप कावड़ लेकर बाबा महाकाल को जल अर्पित करने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में कावड़ यात्रियों के लिए एक विशेष व्यवस्था की जा रही है जिसके तहत अब कावड़ यात्रियों को नई व्यवस्था के तहत जल अर्पित करवाया जाएगा।
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महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि इस बार कावड़ यात्रियों के लिए दो अलग-अलग तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं, जो कावड़ यात्री परमिशन लेकर महाकाल मंदिर में भगवान को जल चढ़ाना चाहते हैं उन्हें चार नंबर द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। जो कि सीधे सभा मंडप में होते हुए वह बाबा महाकाल को जल अर्पित कर सकेंगे, लेकिन अगर आप कावड़ यात्रा लेकर उज्जैन बाबा महाकाल के दरबार में आ रहे हैं और आपने परमिशन नहीं ली है तो आपको सामान्य दर्शनार्थियों की तरह एक किलोमीटर दूर से प्रवेश मिलेगा। यानी त्रिवेणी संग्रहालय के पास से आना होगा। नंदी द्वार से मानसरोवर और फिर महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन हो सकेंगे। हालांकि इस व्यवस्था से कावड़ यात्री कितना खुश होंगे यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन पूर्व में जब भी कावड़ यात्री मंदिर में प्रवेश करते हैं तो उन्हें अलग से एक द्वार बनाकर प्रवेश दिया जाता है ताकि कई किलोमीटर दूर से चलकर आने वाले कावड़ यात्री बाबा महाकाल के दर्शन आसानी से कर सकें और आसानी से वे बाबा महाकाल को जल अर्पित कर सकें।