उज्जैन शहर के इंदौर रोड महामृत्युंजय द्वार के पास स्थित कीर्ति नगर मे रहने वाले 83 वर्षीय बुजुर्ग रामसिंह चौहान का बुधवार रात निधन हो गया। उन्होंने 5 वर्षों पूर्व देहदान का संकल्प लिया था। उनके इस पुण्य कार्य को सम्मान देने के लिए आज सुबह शासन द्वारा निवास पर उन्हें राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उनकी पार्थिव देह को आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को रिसर्च और मेडिकल अध्ययन के लिए सौंपा गया।
रामसिंह चौहान के पुत्र विजयसिंह चौहान ने बताया कि पिताजी सिविल अस्पताल में अकाउंटेंट थे। उन्हें शुरुआत से ही पढ़ने का काफी शौक था। वे धार्मिक ग्रंथ पढ़ते थे उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद ही यह तय कर लिया था कि जिस प्रकार ऋषि दुर्वासा ने अपने अंगों का दान किया था वह भी इसी प्रकार देहदान करेंगे। यही कारण था कि उन्होंने 2021 में स्वयं आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में देहदान की इस पूरी प्रक्रिया को भी पूरा कर लिया था। बुधवार रात को जब रामसिंह चौहान का निधन हुआ तो इस बात की सूचना आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज को दी गई थी। इसके बाद सुबह गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। परिवार के साथ ही पुलिस जवानों ने भी पारंपरिक सलामी के साथ उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।
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लोग मान रहे प्रेरणादायक कदम
रामसिंह चौहान के इस फैसले से इलाके में भी चर्चा का विषय बन गया है। मोहल्ले के लोगों और रिश्तेदारों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी रामसिंह चौहान के इस फैसले को सराहते हुए परिवार का आभार जताया है। मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में उनकी देह को रिसर्च और प्रशिक्षण के लिए उपयोग किया जाएगा, ताकि भविष्य के डॉक्टर बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
बेटी बोली- पिता के फैसले से खुश
पिता के अंतिम संस्कार में जयपुर से शामिल होने आई वंदना चौहान ने बताया कि पिताजी ने देहदान का जो संकल्प लिया था वह पूर्ण हो गया है। उनकी हमेशा यही इच्छा थी कि उनकी बॉडी को अन्य लोगों की तरह जलाया नहीं जाए बल्कि उनकी देह का उपयोग कुछ इसी तरह से होना चाहिए।