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Ujjain News: भस्म आरती में अनोखा रूप, वैष्णव तिलक के साथ गणेश स्वरूप में दिखे बाबा महाकाल

Wed, 08 Apr 2026 07:23 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

मध्य प्रदेश के श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैशाख कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर बुधवार सुबह भस्म आरती के दौरान आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालु देर रात से ही लाइन में लगकर बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन के लिए पहुंचे और पूरे मंदिर परिसर में "जय श्री महाकाल" के जयघोष गूंजते रहे।

भस्म आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

उज्जैन में बुधवार सुबह भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचे। भक्त देर रात से ही कतार में खड़े होकर अपने इष्ट देव के दर्शन का इंतजार करते रहे। सुबह करीब 4 बजे मंदिर के पट खुले और बाबा महाकाल को भव्य रूप से सजाकर भस्म आरती की गई।

विधि-विधान से हुआ पूजन और अभिषेक

मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, वैशाख कृष्ण पक्ष की षष्ठी पर सुबह 4 बजे भस्म आरती शुरू हुई। वीरभद्र जी से आज्ञा लेने के बाद मंदिर के पट खोले गए और गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान पहला घंटा बजाकर "हरि ओम" का जल अर्पित किया गया।

विशेष श्रृंगार में दिखे बाबा महाकाल

पूजन के बाद पुजारियों और पुरोहितों ने बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार किया और कपूर आरती के पश्चात उन्हें नया मुकुट धारण कराया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ भस्म आरती संपन्न हुई। आज के श्रृंगार की खास बात यह रही कि बाबा महाकाल को वैष्णव तिलक लगाकर श्री गणेश स्वरूप में सजाया गया।

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भस्म अर्पण के बाद साकार स्वरूप के दर्शन की मान्यता

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने जयघोष किया और खुद को धन्य माना।

मंदिर की आरतियों का समय
भस्म आरती: सुबह 4 से 6 बजे तक
दद्योदक आरती: प्रातः 7 से 7:45 बजे तक
भोग आरती: प्रातः 10 से 10:45 बजे तक
संध्या पूजन: शाम 5 से 5:45 बजे तक
संध्या आरती: शाम 7:00 से 7:45 बजे तक
शयन आरती: रात 10:30 से 11:00 बजे तक

मंदिर में आरतियों के समय में किया गया यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक लागू रहेगा।

मंदिर में आया दान

छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी अभिजीत सोनकर ने IMPS के माध्यम से 5 लाख रुपए का दान किया। मंदिर प्रबंध समिति के आईटी प्रभारी दीपक परमार ने उनका स्वागत और सम्मान किया। इसके अलावा, गर्मी के मौसम में श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए संजीव कुमार गुप्ता, समरकूल होम अप्लायंसेज गाजियाबाद और पंडित राधेश्याम शास्त्री द्वारा 50 जंबो कूलर दान किए गए। इस पुण्य कार्य के लिए मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने दानदाताओं का सम्मान किया।  

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