बाबा महाकाल की नगरी में एक ओर सिंहस्थ की तैयारियां चल रही हैं, वहीं कालभैरव घाट पर वर्षों से अखंड खड़ेश्वरी तपस्या कर रहे योगी विष्णुनाथ महाराज 8 से 17 अप्रैल तक ‘अष्टधारा मदिरा महायज्ञ’ आयोजित करने की तैयारी में हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन अनुमति देने के बजाय उन्हें परेशान कर रहा है। नाराज़ योगी ने चेतावनी दी है कि यदि बुधवार तक उनकी कुटिया में पेयजल व बिजली की व्यवस्था बहाल नहीं की गई और जब्त सामान वापस नहीं मिला, तो वे मुस्लिम धर्म अपनाने पर विचार करेंगे।
योगी विष्णुनाथ का कहना है कि वे जनकल्याण और सनातन धर्म की रक्षा के उद्देश्य से महायज्ञ करना चाहते हैं और इसके लिए कलेक्टर व एसपी से अनुमति मांगी है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने अनुमति रोकी ही नहीं, बल्कि आश्रम की जल व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी बाधित कर दीं। उन्होंने मोहन यादव से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि संतों के सम्मान की बात होने के बावजूद एक तपस्वी को साधना से रोका जा रहा है।
योगी का यह भी कहना है कि केंद्र और राज्य—दोनों स्थानों पर सनातन विचारधारा की सरकार होने के बावजूद धार्मिक अनुष्ठान की अनुमति नहीं मिल रही। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई तथा जिला प्रशासन से शिकायत करने की बात कही, लेकिन समाधान के बजाय उन पर दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया।