आज सुबह विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंच मार्ग पर नगर निगम, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पहुंची। जिन्होंने एक अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की। सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई का वैसे तो कोई विरोध नहीं हुआ, लेकिन सुबह जल्दी शुरू हुई इस कार्रवाई से मंदिर पहुंच मार्ग को डाइवर्ट करना पड़ा। जिससे श्रद्धालु और अन्य लोगों को कुछ परेशानी का सामना जरूर करना पड़ा।
उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उज्जैन विकास प्राधिकरण की हरिफाटक महाकाल परियोजना के तहत लगभग 40 वर्षों पूर्व महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग कि इस जमीन को लीज पर दिया गया था। इस स्थान पर रहने वाले लोगों ने आवासीय इस स्थान का उपयोग व्यवसायिक रूप से करना शुरू कर दिया। इसके साथ ही लगातार इस जमीन को बेचते रहे और इस लीज को ट्रांसफर भी नहीं करवाया। यही कारण है कि दो वर्षों पहले इस लीज को निरस्त किया गया था।
इसके बाद कुछ भवनों को लेकर न्यायालय में चले वाद के बाद अवैध अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई की जा रही है। उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि भवन क्रमांक 19 नंबर पर रहने वाली अनीशा भी के नाम पर यह मकान था। जिसे दो भवनों को मिलाकर बनाया गया था और वर्तमान में यहां पर होटल अंगारा का संचालन किया जा रहा था।
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अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि होटल अंगारा पर आज सुबह से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। जिसमें पुलिस प्रशासन के साथ ही नगर निगम की 12 से 15 गाड़ियां रिनुअल गैंग लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही है।